नैनवां (नीरज गौड़) – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद शाखा नैनवां द्वारा आयोजित पर्यावरण गोष्ठी में प्राप्त सुझावों के आधार पर नगर की महत्वपूर्ण जल संरचनाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर चिंता व्यक्त की गई। परिषद ने प्रशासन का ध्यान कनक सागर (छोटा तालाब) एवं नवल सागर तालाब की क्षतिग्रस्त पालों की ओर आकर्षित करते हुए शीघ्र मरम्मत की मांग की है।
परिषद के अनुसार कनक सागर की पाल, तीज का चबूतरा, नीलकंठ महादेव घाट की पाल की दीवार तथा द्वारकाधीश मंदिर की पूर्वी-उत्तरी दिशा में लगभग 20 फीट दीवार जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। वहीं नर्सरी स्थित रियासतकालीन बाग की बावड़ी भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है तथा उसकी छतरियां टूट चुकी हैं। बताया गया कि गत वर्ष बरसात के दौरान टूटी पाल से लगभग तीन फीट ऊपर तक पानी निकल गया था, जिससे गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। उस समय नैनवां टापू जैसा बन गया था और आवागमन भी बाधित हो गया था।
भारत विकास परिषद ने प्रशासन से जनहित एवं संभावित दुर्घटना को देखते हुए कनक सागर एवं नवल सागर तालाबों की पालों की तत्काल मरम्मत तथा बावड़ी की सफाई एवं छतरियों के पुनर्निर्माण के निर्देश जारी करने की मांग की है। परिषद ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी नगर पालिका को अवगत कराया जा चुका है। इस दौरान भारत विकास परिषद शाखा नैनवां के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
