बूंदी – लोकसभा आम चुनाव 2024 के लिए पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारियों का प्रथम प्रशिक्षण बुधवार को राजकीय महाविद्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में मतदान दलों को सात कक्षों में मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कार्मिकों को जानकारी दी गई आगामी प्रशिक्षणों में उपस्थित होने के साथ ही अपना एपिक कार्ड भी साथ लेकर आएं।
प्रशिक्षण में दक्ष प्रशिक्षकों ने मतदान के लिए नियुक्त पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराना पूरे मतदान दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्रों के 100 मीटर के दायरे में मतदाता व अधिकृत व्यक्तियों के अलावा किसी का प्रवेश नहीं हो, इस बात को विशेष ध्यान रखा जाए। प्रशिक्षण में मतदान के दौरान काम आने वाले विभिन्न प्रपत्रों के संधारण की जानकारी भी दी गई। इस दौरान ईवीएम व वीवीपैट मशीनों के रखरखाव व उपयोग के बारे में प्रायोगिक जानकारी दी गई तथा प्रशिक्षणार्थियों से हैंड्स – ऑन करवाया गया ।
दक्ष प्रशिक्षक डॉ अनिल कुमार खत्री, चन्द्र प्रकाश राठौर ,नवनीत जैन, संजय गुप्ता, सेवक सिंह, नवप्रभात दुबे, भूपेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, ओमप्रकाश माली, हेमन्त झा , रमेश सिंह गुर्जर, देवेन्द्र राणावत, ऋषिराज शर्मा व कौशल किशोर जैन ने मतदान दलों को प्रशिक्षण दिया। पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी-प्रथम क्रमांक 01 से 375 तक का प्रशिक्षण राजकीय महाविद्यालय में आयोजित हुआ।
प्रशिक्षण में क्या सीखा, मौके पर ही हुई परीक्षा – दक्ष प्रशिक्षकों ने पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारियों के कर्तव्यों ईवीएम का संचालन एवं मतदान के दौरान आने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं के संबंध में विस्तार से बताया गया। मतदान दलों को विभिन्न पहलुओं पर कार्य संपादित करने के संबंध में संपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया। मतदान दलों को विभिन्न पहलुओं पर कार्य संपादित करने के संबंध में संपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के अंत में सभी मतदान अधिकारियों का गूगल लिंक से टेस्ट आयोजित किया गया।
आज होगा पीठासीन अधिकारियों एवं प्रथम मतदान अधिकारियों का पूर्ण दिवस प्रशिक्षण – प्रभारी अधिकारी (प्रशिक्षण) कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिशचंद मीना ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव, 2024 के लिए 22 फरवरी को पीठासीन एवं प्रथम मतदान अधिकारी क्रमांक 375 से 750 तक का प्रथम प्रशिक्षण राजकीय महाविद्यालय बूंदी में होगा।
