अजमेर ब्यूरो चीफ ( राहुल कुमार वर्मा ) – राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन हेतु राजकीय विभाग, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के साथ बैठक का आयोजन व दिए गए निर्देश। संगीता शर्मा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला व सेशन न्यायाधीश अजमेर) के निर्देशानुसार कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में रामपाल जाट सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) की अध्यक्षता में राजकीय संस्थानों, राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंक एवं निजी वित्तीय संस्थान के साथ दिनांक 9 मार्च को आयोजित होने वाली वर्ष 2024 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन अजमेर लोकेश गौतम, टाटा पावर डिस्ट्रीब्यूशन लि. से प्रवीण सिंह, प्रादेशिक परिवहन विभाग से राहुल गंगवार, जिला रोजगार अधिकारी मधुसुधन जोशी, लीड़ बैंक मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा आर.पी. अरोड़ा, भारत संचार निगम लिमिटेड से सुनील गहलोत, कृषि विभाग अजमेर से आरती यादव आदि उपस्थित रहें। बैठक में सचिव द्वारा संबंधित सक्षम अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोक अदालत में निस्तारित होने योग्य सभी उपयुक्त प्रकरणों को अपने स्तर पर चिन्हित करवाकर प्रकरणों की सूची संबंधित न्यायालय, जहां प्रकरण लम्बित है, प्रस्तुत करें एवं प्रकरणों में पक्षकारों को नोटिस जारी कर इन्हें लोक अदालत में रैफर करें। सचिव द्वारा विभिन्न राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर आने वाली शिकायतों व समस्याओं को चिन्हित कर और उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करें। बैठक में उपस्थित टाटा पावर के प्रतिनिधि ने अवगत करवाया की उनके यहां अधिकतर ऐसे मामले है जिनमें पक्षकारों द्वारा अजमेर विद्युत वितरण निगम में सिक्योरिटी राशि जमा करवा रखी है तथा वह उस सिक्योरिटी की राशि में समायोजित करवाने चाहते है किंतु उनका समायोजन नहीं हो पा रहा है, इस सबंध में अतिरिक्त जिला कलेक्टर को कार्यवाही हेतु निर्देश दिए गए। सभी विभागों द्वारा की जाने वाली तैयारियों के लिए निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित लीड बैंक प्रबंधक को धन वसूली के सिविल मामले एवं धारा 138 एन.आई.एक्ट के फौजदारी मामले जो केवल रुपये 10 लाख तक की राशि के हो के साथ-साथ इसी प्रकृति के प्री-लिटिगेशन श्रेणी के मामलों के लिए विशेष प्री-काउंसलिंग शिविर का आयोजन करें तथा राजीनामा से निस्तारित सूची न्यायलय में प्रस्तुत करें।
