नैनवा – शिक्षा विभाग लगातार समस्याएं कम करने की बजाय ज्यादा समस्याएं पैदा करता जा रहा है जिससे एमडीएम प्रभारी व कुक कम हेल्पर दोनों में ही भारी रोष व्याप्त है। मात्र 60 – 70 रुपए प्रतिदिन में दिनभर पूरे महीने बिना अवकाश लिए भोजन बनाने के बावजूद उन्हें कभी वेतन तो कभी निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारी डरा धमका जाते है जिससे कुछ तो पोषाहार बनाने से मना कर रहे है लेकिन शिक्षक जैसे तैसे निवेदन करके इनकी मनुहारकर एमडीएम योजना का संचालन करना पड़ रहा है। शिक्षको को भी डर सताया रहता है यदि हेल्पर कल से नही आई तो मात्र इतने कम रुपयों में घर घर जाए तब भी कई जगह कुक कम हेल्पर नही मिलेंगे, ऐसा पूर्व में हो चुका है। बुधवार को ही सुबह विधालय आकार खाना बनाएगी फिर 2 बजे बाद 10 से 15 या 20 km दूर बिना भत्ता दिए आदेश निकालना कि ऑनलाइन प्रशिक्षण लेने यहां जाए जिसकी उपस्थिति एमडीएम आयुक्तालय को भेजी भी जाएगी वगेरह वगेरह तो यह तानाशाही नही तो क्या है।
शिक्षक संघ राष्ट्रीय नैनवा अध्यक्ष सुगनचंद मीणा, मंत्री मोहन प्रजापत, कोषाध्यक्ष नाथूलाल बैरवा, मिडिया प्रभारी पंकज जैन आदि ने विरोध जताया है कि ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए भी कई सीसीएच गांव से दूर अन्य जगह नही जा पाएगी, हमारे पास कई जगह से कुक कम हेल्पर की पीड़ा आई है यदि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की गलत नीतियों के चलते कुक कम हेल्पर विद्यालयों में खाना बनाने से मना करती है और झोपड़े गांवों में किसी जगह व्यव्स्था बिगड़ती है तो सिर्फ उच्च अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे।
