बूंदी – राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में विचाराधीन प्रकरण रिट पिटीशन (c) No 295/2012 S. Rajaseekaran Vs Union of India & Ors. में पारित आदेश की पालना में हिट एण्ड रन केसेज को मॉनिटर करने हेतु मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक का आयोजन बुधवार को किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुमन गुप्ता ने बताया कि इस बैठक में उपाधीक्षक, वृत्त नरेन्द्र पारीक व्यक्तिशः उपस्थित हुए। समिति के अन्य सदस्य समस्त उपखण्ड अधिकारी (दावा जाँच अधिकारी) वर्चुअल उपस्थित हुए। बैठक में टक्कर मार कर भागना मोटर यान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर स्कीम, 2022 की माॅनिटरिंग हेतु एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की बैठक माह में एक बार होनी प्रस्तावित है। उक्त कमेटी की बैठक का संचालन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया जायेगा। जिसमें सदस्य बूंदी जिले के पुलिस विभाग के उपाधीक्षक एवं जिले के समस्त उपखंड अधिकारी (दावा जांच अधिकारी) होंगे।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुमन गुप्ता द्वारा पुलिस उपाधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वे जिले में होने वाले हिट एंड रन के प्रकरणों के पीड़ित/मृतक के विधिक प्रतिनिधि द्वारा उक्त स्कीम का आवेदन भरवाकर संबंधित दावा जांच अधिकारी को प्रेषित करेंगे एवं जिले के समस्त थानों में उक्त स्कीम का प्रचार प्रसार करेंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव द्वारा जिले समस्त दावा जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया कि आवेदन प्राप्त होते वे समस्त आवश्यक दस्तावेज एकत्रित करेंगे एवं घटना के फलस्वरूप गंभीर चोट कारित होने पर पीड़ित को 50 हजार रूपए एवं मृत्यु होने की दशा में मृतक के विधिक प्रतिनिधिगण को 2 लाख रूपए/केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार निर्धारित उच्चतम सीमा के अनुसार प्रतिकर राशि दिलवाए जाने के लिए दावा जांच अधिकारी आवश्यक दस्तावेज एकत्रित कर उनमें संबंधी प्रतिकर राशि मंजूरी आदेश जारी कर, क्लेम सटेलमेंट कमिश्नर को विधि अनुसार कार्यवाही हेतु प्रेषित करेंगे। साथ ही यदि यदि इस तरह के प्रकरणों में मृतक के उत्तराधिकारी पीड़ित व्यक्ति द्वारा आवेदन दावा जांच अधिकारी के समक्ष नहीं किया जावे तो सूचना प्राप्त होने के एक माह के पश्चात् समेकित सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भिजवाई जाएगी। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संबंधित व्यक्तियों के उत्तराधिकारी की पहचान किये जाने/सहायता दिये जाने के लिये अग्रिम कार्यवाही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की जा सकेगी।
