नैनवां – राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर समग्र शिक्षा द्वारा निर्धारित मोड्यूल के अन्तर्गत अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय समग्र शिक्षा बूंदी की अनुपालना में ब्लॉक नैनवां के शाला प्रबंधन समिति एवं शाला विकास प्रबंधन समिति (SMC,SDMC) के दक्ष प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नैनवां अनिल गोयल द्वारा किया गया।
उन्होंने संभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि शाला प्रबंधन समिति व शाला प्रबंधन विकास समिति के सदस्यों द्वारा लिए गए को निर्णय सर्वोपरि होते हैं । शिक्षार्थी, शिक्षालय, एवं शिक्षक के हित को मद्देनजर रखते हुए लिए दिए गए निर्णय निष्पक्ष एवं सर्वमान्य होते हैं। विद्यालय विकास योजना में समिति सदस्यों के सहयोग से निर्माण करवाने पर जोर दिया।
इससे पूर्व शिक्षक किशन लाल कहार ने माँ शारदा की सामूहिक वन्दना से प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय सन्दर्भ व्यक्ति लक्ष्मण लाल माली ने संचालन करते हुए प्रशिक्षण को गम्भीरता से लेकर धरातल तक पहुंचाकर विद्यालय के चहुंमुखी विकास में योगदान देने के लिए निर्देशित किया। शिक्षाविद् शिक्षक छोटू लाल शर्मा ने एस एम सी एवं एसडीएमसी की अहमियत का बोध करवाते हुए प्रशिक्षण की महत्तवता पर प्रकाश डाला।
एस आर जी हीरा लाल सैनी द्वारा सामुदायिक गतिशीलता की अवधारणा, नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 एवं राज्य नियम-2011,एस एमसी/एसडीएमसी के गठन, कार्य , विद्यालय से जुड़े विभिन्न हितधारकों के दायित्व आदि की जानकारी से अवगत कराया।
