जर्जर व असुरक्षित भवन होने से विद्यार्थियों के साथ शिक्षक भी असुरक्षित
नैनवा – प्राथमिक विद्यालयों के हालात सबको पता ही है लेकिन फ्लेगशीप योजना मे शामिल स्कूलों के हालात भी कुछ कम नहीं है| महात्मा गांधी सरकारी विद्यालय बांसी की भी कोई सुध नहीं ले रहा। विद्यालय महात्मा गांधी होने के बाद में इसमें 1 रुपया का भी बजट नहीं आया है न ही इसकी कोई सुध ले रहा है| शिक्षक संघ राष्ट्रीय नैनवा ने भेदभाव का आरोप लगाया है और अब विभाग से पूछा है कि आखिर विद्यालय के होने वाले समस्त खर्चे शिक्षक कब तक जेब से देवे?
शिक्षक संघ राष्ट्रीय नैनवा के अध्यक्ष पंकज जैन, मंत्री देवराज गुर्जर, कोषाध्यक्ष नाथूलाल बैरवा, मिडिया प्रभारी शान मीणा, उपाध्यक्ष कालूराम गुर्जर और जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुगन मीणा, जिला उप सभाअध्य्क्ष ज्ञानचंद जैन, जिला उपाध्य्क्ष राधेश्याम मीणा आदि पदाधिकारियो का कहना है कि एक तरफ तो सरकार करोड़ों रूपए विभिन्न प्रशिक्षणों पर हर साल खर्च कर रही है दूसरी ओर विद्यालय की भौतिक सुख सुविधाओं का बजट तक नहीं देती। कहीं स्कूल के भवन जर्जर हैं तो कहीं स्कूल में पानी भरा हुआ है, कमरे टपक रहे है, बाउंड्री नही है। सरकार को इस हेतु प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।
