लाखेरी ( जितेन्द्र गौड़ ) – राज्य सरकार के निर्देशानुसार सूर्य सप्तमी के अवसर पर सूर्य नमस्कार का आयोजन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय लाखेरी में किया गया, इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र छात्राएं, विद्यालय के छात्र छात्राओं, शिक्षकों आदि ने भाग लिया! शारीरिक शिक्षक शमशेर सिंह के द्वारा सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राएं करवाई गई। सिंह ने बताया कि सूर्य नमस्कार के 12 आसन होतें है, जिनमें प्रणामासन, हस्त उत्तानासन, पादहस्तासन, अश्व संचालनासन, संतुलन आसन, साष्टांग नमस्कार आसन, भुजंगासन, पर्वतासन, अश्व संचालनासन, पादहस्तासन, हस्त उत्तानासन, प्रणामासन होतें है, जिनमें प्रत्येक आसन में अलग अलग मुद्राओं में आसन किए जाते हैं। सूर्य नमस्कार करने से आंखों की रोशनी बढती है, त्वचा रोग होने के संभावना समाप्त हो जाती है, हड्डियां मजबूत होती है, वजन घटाने में मददगार होता है, फैफड़ो की क्षमता बढ़ती है, एवं ब्लड़प्रेशर कंट्रोल रहता है, आदि लाभ प्राप्त होतें है। प्रधानाचार्य रामप्रसाद नागर ने सूर्य नमस्कार से होने वाले फायदों के बारे में बताया, कि नियमित सूर्य नमस्कार करने से शरीर पूर्णतया स्वस्थ रहता है, इस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रामप्रसाद नागर, शारीरिक शिक्षक शमशेर सिंह, कृष्ण कुमार गोचर सहित आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
