चिकित्सा संस्थान, आंगनबाडी केन्द्रों व स्कूलों में मनाया जाएगा शक्ति दिवस
नागौर ( प्रदीप कुमार डागा ) – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 19 फरवरी मंगलवार को शक्ति दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत महिलाओं व बच्चों को एनीमिया रोग से मुक्त करने के लिए आयरन की गोली दी जाएगी। आपका बच्चा चिड़चिडा हो गया है। खेलते समय जल्दी थक जाता है। तो उसे चिकित्सकों को दिखाएं। बच्चा अनीमिया से पीड़ित हो सकता है। यही नहीं, शरीर में खून की कमी से ठंड लगने, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर और सिर दर्द भी हो सकता है।
इसकी रोकथाम के लिए हर माह के प्रत्येक मंगलवार को चिकित्सा विभाग की ओर से शक्ति दिवस मनाया जाता है। अनीमिया से बच्चों, किशोर किशोरियांे, गर्भवती, धात्री व अन्य सभी वर्ग के लोगों को मुक्त रखने के लिए विभाग की ओर से यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा शरीर में खून की मात्रा की जांच कर खून बढ़ने की गोली दी जाती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ महेश वर्मा ने बताया कि मंगलवार को जिले के चिकित्सा संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों व शिक्षण संस्थाओं पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बच्चों, किशोर किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं की स्क्रीनिंग की जाएगी और खून जांच कर शरीर में खून की कमी नहीं हो, इसके लिए आयरन फोलिक एसिड की गोली तथा बच्चों को सिरप पिलाई जाएगी। प्रत्येक मंगलवार को जिले के आंगनबाडी केंद्रों, राजकीय विद्यालयों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, सीएचसी, पीएचसी, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल, शिक्षण संस्थाओं में शक्ति दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि 6 माह से 59 माह तक के बच्चों, पांच से नौ वर्ष तक के विद्यालय नहीं जाने वाले बच्चों, 10 से 19 साल तक की विद्यालय नहीं जाने वाली सभी किशोरी बालिकाओं तथा 20 से 24 साल की विवाहित महिलाओं, गर्भवती व धात्री माताओं को आंगनबाडी केंद्र पर आशा सहयोगिनी द्वारा लक्षण के आधार पर जांच की जाएगी और आयरन की गोलियां दी जाएगी। वहीं कक्षा पांच से 12वीं तक के विद्यार्थियों को राजकीय विद्यालयों में आयरन की गोली दी जाएगी। छह से 59 माह तक बच्चे, पांच से नौ साल के बच्चे, 10 से 19 साल के किशोर-किशोर तथा 20 से 24 वर्ष की विवाहित महिलाएं, गर्भवती व धात्री महिलाओं को चिकित्सा संस्थानों पर भी आयरन फोलिक एसीड की गोली व सिरप पिलाई जाएगी।
