
विभिन्न पशु प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को किया गया सम्मानित
आज से शुरू होगी पशुओं की रवानगी
नागौर ( प्रदीप कुमार डागा ) – श्री रामदेव पशु मेले का समापन समारोह एवं पारितोषिक वितरण कार्यक्रम सोमवार को मेला मैदान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता नागौर के पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार योगी उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी ने कहा कि वर्तमान में खेती व पशुपालन पर कम ध्यान दिया जा रहा है जिससे की खेती व पशुओं का महत्व कम हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में श्री रामदेव पशु मेला विश्व प्रसिद्ध था, इसके महत्व में थोड़ी कमी आई है, इसके लिए सरकार की ओर से प्रयास करने की आवश्यकता है, इस संबंध में प्रयास किये जायेंगे।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार योगी ने कहा कि श्री रामदेव पशु मेला नागौर की पहचान है, इसके महत्व को बढ़ाने के लिए प्रशासन द्वारा भी प्रयास किये जायेंगे। इस अवसर पर उन्होंने मेले में सहयोग करने वाले भामाशाह व सामाजिक संस्थाओं का भी आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पद्म श्री हिम्मता राम भाम्भू ने कहा कि कृषि में बढ़ते रसायनों के उपयोग से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है, गौचर पर अतिक्रमण हो रहे है जिस पर रोक आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गौ पालन को बढ़ावा दिया जाना चाहिये।
इससे पूर्व पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ महेश मीणा ने श्री रामदेव पशु मेले का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और बताया कि इस वर्ष मेले में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक संख्या में पशु आये लगभग (8 हजार) और लगभग चार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ तथा पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने बताया कि आज से मेले में आये पशुओं की रवानगी शुरू होगी, जिसके लिए सफेद चिट्ठी (रवन्ना) जारी किया जा रहा है।
प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित – इस अवसर पर कार्यक्रम में मेले के दौरान सहयोग करने वाले कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, विभिन्न व्यक्तियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर तथा आयोजित हुई पशु प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे पशुपालकों को नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जाजड़ा ने पुरस्कार में किया सहयोग – पशु प्रतियोगिता में पुरस्कार वितरण के दौरान प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहने वाले पशुपालकों को पशुपालन विभाग द्वारा प्रोत्साहन देकर सम्मानित किया गया। जिसमें प्रेमसुख जाजड़ा ने विभाग द्वारा तय की गई राशि के बराबर पुरस्कार राशि देकर पशुपालकों को सम्मानित किया।
साथ ही जाजड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि नागौरी बैल की नस्ल को संरक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने घोषणा करते हुए बताया कि आगामी वर्ष आयोजित होने वाले पशु मेले में पशु प्रतियोगिता में विजेता प्रथम प्रतिभागी को 1 लाख 1हजार रुपए तथा सबसे उत्तम जोड़ी नागौरी बैल को ₹21000 प्रोत्साहन स्वरूप दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि मेले की चारदिवारी के चार गेट का निर्माण अगले मेले तक करवाया जायेगा, जिसमें भामाशाहों से सहयोग करने की अपील की। जिस पर मेले में विनीत सिरोही ने गेट का निर्माण करवाने तथा पूर्व प्रधान ओमप्रकाश सैन ने भी एक गेट का निर्माण करवाने की घोषणा की।
इस दौरान कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक नवीन परिहार, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश सैन, धारणीया ग्रुप के अभिमन्यु, सरोज प्रजापत सहित विभाग के अधिकारी, पशुपालक व गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इन पशुपालकों को किया गया सम्मानित – प्रतियोगिता में विजेता पशुपालकों को पारितोषिक वितरित किये गये। जिसमें बैल जोड़ी अदंत में प्रथम पुरस्कार 1100 रूपए खरनाल निवासी अर्जुनराम धौलिया, द्वितीय पुरस्कार 500 रूपए फरड़ौद निवासी राकेश पुरी, तृतीय पुरस्कार 300 रूपए फरड़ौद निवासी लालपुरी तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में भाकरोद निवासी रामकिशोर को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार बैल जोड़ी 2 से 4 दांत में प्रथम पुरस्कार 2100 रूपए अड़वड़ निवासी बस्तीराम जाट, द्वितीय पुरस्कार बलाया निवासी भगवतराम जाट, तृतीय पुरस्कार 500 रूपए सिणोद निवासी अमराराम तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में हिसार जिले के ढाड निवासी सुखवीर व खरनाल निवासी शिवकरण लुहार को सम्मानित किया गया।
वहीं बैल जोड़ी 6 से 8 दांत में प्रथम पुरस्कार 2100 रूपए भाकरोद निवासी रामकिशोर फरड़ौदा, द्वितीय पुरस्कार 1100 रुपए खारड़िया निवासी प्रमाराम जाट, तृतीय पुरस्कार 500 रूपए सेनणी निवासी घंमडाराम तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में राठौड़ी कुंआ निवासी रामकुंवार माली, खारड़िया निवासी राजूराम जाट तथा गोठड़ा निवासी चंदाराम को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार सांड बछड़ा नागौरी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 1100 रूपए डेगाना निवासी राहुल लौहार, द्वितीय पुरस्कार 500 रूपए बरणा निवासी मुकेश लौहार, तृतीय पुरस्कार 300 रूपए नराधना निवासी ठाकुरराम जाट तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में फरड़ौद निवासी कैलाश गोस्वामी, अर्जुनपुरा निवासी सिकुनराम नायक तथा हिसार जिले के रावलावास खुर्द निवासी कृष्ण कुमार को सम्मानित किया गया।
पशु प्रतियोगिता में गाय सूखी नागौरी प्रतियोगिता के दौरान प्रथम पुरस्कार 1100 रुपए रूण निवासी भीकाराम जाट, द्वितीय पुरस्कार 500 रूपए राठौड़ी कुंआ निवासी रामकुंवार माली, तृतीय पुरस्कार 300 रूपए मुंडवा निवासी राजेंद्र साद तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में चुंटीसरा निवासी मनोहर मेघवाल को सम्मानित किया गया।
वहीं भैंस मुर्रा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 2100 रूपए सोमणा निवासी सुरेश कुड़ी, द्वितीय पुरस्कार 1100 रूपए मुंडवा निवासी कालूराम जाट, तृतीय पुरस्कार 500 रूपए डेह निवासी खेराजराम गोरा तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में रोल निवासी नरसीलाल जाट व ईनाणा निवासी माणकराम जाट को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार भैंसा मुर्रा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 2100 रूपए अरनियाला निवासी बक्साराम जंगलिया, द्वितीय पुरस्कार 1100 रूपए श्यामपुरा निवासी थानाराम जंगलिया, तृतीय पुरस्कार 500 रूपए कालड़ी निवासी पदमाराम जंगलिया व प्रोत्साहन के रूप में अरनियाला निवासी डूंगाराम व कानाराम एवं नेतड़िया निवासी सुखाराम जंगलिया को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार सांड घोड़ा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार पंजाब के भाड़ेवाल निवासी सिमरनप्रीत सिंह, द्वितीय पुरस्कार जोधपुर के कड़वड़ निवासी भीमसिंह, तृतीय पुरस्कार डीडवाना के थाना निवासी आसुसिंह को दिया गया। वहीं पर प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में मेड़ता के कूंपड़ास निवासी महेंद्रसिंह, परबतसर के मायापुर निवासी दक्षराज सिंह एवं गोठड़ा निवासी शंकरसिंह को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार घोड़ी प्रजनन योग्य प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जालनियासर निवासी गिरधारी सिंह, द्वितीय पुरस्कार नागौर के केशव गहलोत व तृतीय पुरस्कार जोधपुर जिले के मेलावास के भेरूसिंह को तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में नागौर के मोहसिन, ईनाणा के भागाराम, बछवारी के जयसिंह एवं नागौर के केशव गहलोत को सम्मानित किया गया।
वहीं बछेरा (अश्व वंश)की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार नागौर के डॉ. विष्णु परिहार, द्वितीय भारली के तिलोकराम व तृतीय नागौर के राकेश यादव को दिया गया तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में डेगाना के सुनील जाट, हनुमानगढ़ के रावतसर के विनोद सेन तथा सिलारिया के शिवराम बांगड़ा को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार बछेरी (अश्व वंश) प्रतियोगिता में प्रथम जयपुर के राजपाल यादव, झाड़ेली के हरिसिंह राजपूत, कुचामन सिटी के मांगीलाल कुमावत, तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में हनुमानगढ़ के मनप्रीत सिंह, बीकानेर दावा के भवानी सिंह राजपूत, थांवला के खाजू मो., हनुमानगढ़ के गुरमीत सिंह को सम्मानित किया गया।
सवारी ऊंट प्रतियोगिता में प्रथम परबतसर के मेहरासी के तिलोकराम सेन, द्वितीय अजमेर के कनायड़ा निवासी नानूसिंह रावत, तृतीय मेहरासी निवासी छोगाराम सेन व प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में डीडवाना के सेवा निवासी हनुमासिंह राजपूत एवं बीकानेर के मंजूर खान को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार ऊंट मादा प्रतियोगिता में प्रथम हरसोलाव के गोवरधनराम देवासी, द्वितीय पीपलाद के इरफान मिरासी व तृतीय सुजानगढ़ के मुंदडा निवासी भंवराराम जाट तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में जोधपुर के बोरुंदा निवासी श्रवणराम देवासी व हनुमानगढ़ के हीरालाल राव को सम्मानित किया गया।
वहीं ऊंट नर प्रतियोगिता में प्रथम इंदौखा निवासी राजेंद्र सिंह राजपूत, द्वितीय बीकानेर के इमरान खान, तृतीय अजमेर के कनायड़ा निवासी नानूसिंह रावत तथा प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में सीकर के भवानीपुर निवासी भंवरलाल जाट, बीकानेर के मोहमूद खां एवं परबतसर के मेहरासी निवासी तिलोकराम सेन को सम्मानित किया गया।
