बारां ( फ़िरोज़ ख़ान ) – बारां-अटरू से पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षकों के खिलाफ देषतापूर्ण तरीके से की जा रही कार्यवाही पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है।
बारां-अटरू के पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल ने राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में बताया कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक अपने अथक परिश्रम और लगन से राजस्थान के नौनिहालों को शिक्षित बनाकर एक आदर्श नागरिक बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रहे है, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सत्ता संभालते ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग के षिक्षकों के खिलाफ देशतापूर्ण तरीके से कार्यवाही की जा रही है।
मेघवाल ने बताया कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री सार्वजनिक मंचो से शिक्षकांे के विरूद्व अर्नगल बयानबाजी कर शिक्षकों को डरानें का कार्य कर रहे है। शिक्षको के विरूद्व प्राप्त शिकायतों की जाॅच किये बिना ही शिक्षा मंत्री सार्वजनिक मंच से माइक पर शिक्षकों के निलम्बन की घोषणा कर रहे है। दिनांक 23 फरवरी 2024 को बांरा जिले में हेमलता बैरवा, प्रबोधक लेवल प्रथम राउप्रावि लकडाई तहसील किशनगंज जिला बांरा को निलम्बित कर उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्यवाही प्रारम्भ करने के आदेश जारी किये गये है तथा फल्दी सरकारी विद्यालय की शिक्षिका अकलिमा बेगम और डाबलिया स्कूल के शिक्षक हेमराज मेघवाल को भी एपीओ कर मुख्यालय बीकानेर कर दिया गया। मेघवाल ने बताया किा दो दिन पूर्व ही कोटा में एडीपीसी के पद कार्यरत उषा पंवार को एपीओ कर मुख्यालय बीकानेर में पदस्थापित कर दिया गया तथा 27 फरवरी को झालावाड के गुराडियाकला सरकारी विद्यालय के शिक्षक हेमराज वर्मा, कचरू सिंह तथा अकील मोहम्मद को निलम्बित कर इनका मुख्यालय बीकानेर एवं जालौर कर दिया गया।
मेघवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा की जा रही इस प्रकार की द्वेषतापूर्ण कार्यवाही से पूरे हाडौती संभाग के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग में भारी आक्रोष व्याप्त है। मेघवाल ने बताया कि उन्हें एससी, एसटी, अल्पसंख्यक वर्ग के एक प्रतिनिधि मण्डल ने अवगत करवाया है तथा उक्त सभी शिक्षको के विरूद्व की गयी कार्रवाई को निरस्त कर बहाल करने की मंाग की है। मेघवाल द्वारा प्रदेश में एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और पिछडे वर्ग के षिक्षकों के विरूद्व की जा रही रही द्वेषतापूर्ण कार्यवाही पर रोक लगाकर उक्त सभी शिक्षकों को बहाल करने की राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की गई है।
