लाखेरी ( जितेन्द्र गौड़ ) – लाखेरी उपखंड क्षेत्र के देईखेड़ा समीप मेगा हाइवे के किनारे स्थित लबान गाँव में स्थित राजकीय उप स्वास्थ्य केंद्र पर्याप्त संसाधन व भवन के अभाव में खुद ही बीमार है, और वर्षो से क्रमोन्नत होने का इंतजार कर रहा है। यहां नियुक्त एक मात्र एएनएम के भरोसे ही अस्पताल चल रहा है, दशको पुराने दो कमरे का भवन भी जीर्णशीर्ण हो चुका है, भवन के एक कमरे के जर्जर होने से हादसे की आशंका से ताला लगा कर बन्द कर दिया गया है, और अब एक कमरे में संचालित हो रहा है। यहां नियुक्त ए एन एम ही टीकाकरण व अन्य विभागीय कार्यो के साथ यथा सम्भव मरीजो का प्राथमिक इलाज करती है। करीब तीन हजार अधिक जनसंख्या वाले कस्बे सहित क्षेत्र के गुहाटा, बगली, ख़ाकता, डपटा, झोपड़िया रामगंज, डडवाडा समेत करीब एक दर्जन गांवों को इसके क्रमोन्नत होने का इंतजार है। पर्याप्त संसाधन एवं स्टाफ नहीं होने के कारण स्वास्थ्य केन्द्र पर लोगों को प्राथमिक उपचार भी समय पर नहीं मिल पाता है, जबकि हाइवे मेगा किनारे स्थित है। हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कोई राहत नहीं मिल पाती है।
इनका कहना है- नाममात्र का ही अस्पताल है, टीकाकरण के अलावा कोई चिकित्सा सुविधा नही है, मेगा हाइवे के किनारे स्थित होने से दुर्घटनाओं के समय त्वरित चिकित्सा मिल सकती है, अगर अस्पताल को क्रमोन्नत कर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो जाए तो लोकसभा अध्यक्ष को इस संदर्भ में पत्र भेजकर अवगत करवा रखा है – बुद्धि प्रकाश मीणा (सरपंच लबान)
लबान सब सेंटर पर जल्द ही सीएचओ क्रामिक की नियुक्ति की जाएगी, संसाधन व भवन की मरम्मत के लिये उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है – ललित मीणा, प्रभारी देईखेड़ा राजकीय अस्पताल
