नैनवां ( बाबू लाल शर्मा ) – सम्पूर्ण राजस्थान में पटवार संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। पटवार संघ की मांगों में राजस्व विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों को मिल रहे तहसीलदार पदौन्नति के कोटे का पुनर्निर्धारण की मांग भी की जा रही है। इसी मांग को लेकर मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भी आन्दोलन का बिगुल बजा दिया है।
राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष चित्रलेखा जैन ने बताया कि राजस्व मंत्रालयिक कर्मचरियों की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से कई बार वार्ता हो चुकी है हर बार आश्वासन दिया जाता रहा है परन्तु अब राजस्व विभाग के मत्रालयिक कर्मचारी आर पार की लड़ाई के लिए तैयार है।
संघ की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री के साथ लिखित आश्वासन अनुसार मंत्रालयिक कर्मचारियों के तहसीलदार पदौन्नति के कोटे से किसी भी प्रकार की छेड़छेड़ नहीं करने, सरकार द्वारा गठित किये जा रहे मंत्रालयिक निदेशालय में राजस्व विभाग को शामिल नहीं किये जाने, उपखण्ड कार्यालयों में मंत्रालयिक कर्मचारियों के पद सृजित किये जाने, नव गठीत जिलों मे पोलिसी तैयार कर मंत्रालयिक कर्मचारियों का पद स्थापन करने, जिला मैन्युअल में संसोधन करने, राजस्व विभाग प्रशासनिक विभाग होने से आर.पी.एस.सी. व विधान सभा सचिवालय, सचिवालय के समान वेतनमान एवं पद नाम करने, उपखण्ड कार्यालयों में पैरोकार सरकार हेतु नायब तहसीलदार के बजाय अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पदों का सृजन करने सहीत 15 सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन मुख्य सचिव एवं प्रमुख शासन सचिव राजस्व के नाम दिया गया। साथ ही बताया कि मंगलवार को समस्त जिला कलक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव एवं प्रमुख शासन सचिव राजस्व के नाम ज्ञापन दिया जा रहा है व ज्ञापन के पश्चात सांकेतिक रूप से आधे दिवस का कार्य बहिष्कार किया जायेगा। 22 से 24 जनवरी तक काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया जायेगा फिर भी यदि सरकार द्वारा हमारे मांगपत्र को स्वीकार नहीं किया जाता है तों संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की मिटिंग आहूत की जाकर आन्दोलन के आगामी चरणबद्व कार्यक्रम की घोषणा कर दी जायेगी। इस दौरान चित्रलेखा जैन, बहाउद्दीन, जावेद अली, पृथ्वीराज मीणा, सोनू जैन, धनराज सिंह, मारुति नंदन नागर, लोकेश नागर, विकाश कुमार नागर, रूपेंद्र कुमार सिंघाडीया, कार्तिक कुमावत आदि उपस्थित रहे।
