नैनवां ( नीरज गौड़ ) – मोड़क थाना क्षेत्र में राजस्थान पुलिस के जांबाज़ कांस्टेबल शिवम शर्मा पुत्र सीताराम शर्मा, निवासी देई, ने कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी का परिचय देते हुए एक खतरनाक आरोपी को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि आदिल अपने साथियों के साथ ओवरब्रिज के पास स्थित एक बाग में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर मोड़क थाना पुलिस, सांगोद थाने के एसएचओ अनिल कुमार, डीएसपी रामगंजमंडी तथा रेलवे पुलिस डीएसपी के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने बाग को चारों ओर से घेर लिया।
टीम में मोड़क थाने के कांस्टेबल शिवम शर्मा, चमन, सांगोद थाने के सोनू और विनोद सबसे आगे मोर्चा संभाले हुए थे। कांस्टेबल शिवम और चमन ने देखा कि बाग के अंदर करीब 5 आरोपी बैठे हुए हैं। पुलिस द्वारा आगे बढ़कर आरोपियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान आरोपी आदिल खड़ा हुआ और चिल्लाते हुए बोला — “मैं पहले भी पुलिस पर फायरिंग कर चुका हूँ, मुझे डराने की जरूरत नहीं है।” यह कहते हुए उसने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
आदिल द्वारा चलाई गई एक गोली कांस्टेबल शिवम शर्मा और कांस्टेबल चमन के बिल्कुल पास से निकल गई, लेकिन दोनों जवानों ने साहस नहीं छोड़ा। जवाबी कार्रवाई में सांगोद थाने के एसएचओ अनिल कुमार ने फायरिंग की, जिससे आरोपी आदिल के पैर में गोली लगी।
घायल होने के बावजूद आदिल दीवार कूदकर खेत की ओर भागने लगा, लेकिन कांस्टेबल शिवम शर्मा एवं अन्य मौजूद पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए उसे दबोच लिया। खुद को घिरा देख आरोपी ने दोनों हाथ ऊपर उठाकर सरेंडर कर दिया।
जब अन्य साथियों ने देखा कि आदिल पकड़ा जा चुका है, तो वे भी पत्थरों में गिरते-पड़ते भागते हुए सरेंडर करने पर मजबूर हो गए।
इस पूरी कार्रवाई में कांस्टेबल शिवम शर्मा की सूझबूझ, निर्भीकता और कर्तव्यपरायणता सराहनीय रही। उनकी बहादुरी से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
