नैनवां ( नीरज गौड़ ) – उपखण्ड क्षेत्र के किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम उपखण्ड अधिकारी नैनवां को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आदान-अनुदान (मुआवजा), फसल कटाई प्रयोग और कृषि गौण मंडी से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
किसानों का आरोप है कि वर्ष 2024 व 2025 के खरीफ सीजन में अतिवृष्टि से भारी फसल नुकसान हुआ, बावजूद इसके बीमा कंपनी द्वारा सर्वे रिपोर्ट में हेरफेर कर नुकसान को शून्य या नाममात्र दर्शाया गया, जिससे किसानों को बीमा क्लेम से वंचित होना पड़ा। वहीं वर्ष 2023 में 47 प्रतिशत खराबा दर्ज होने के बावजूद आदान-अनुदान राशि का भुगतान नहीं किया गया।
ज्ञापन में तीन लगातार सीजनों की फसल कटाई (क्रोप कटिंग) में गड़बड़ी, बीमा कंपनी व कार्मिकों की मिलीभगत, तथा पात्र किसानों को मुआवजा नहीं मिलने की जांच की मांग की गई। किसानों ने मुआवजा व बीमा क्लेम पाने वाले किसानों की सूची सार्वजनिक करने की भी मांग रखी।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पुराने नियम बहाल करने और नैनवां में स्वीकृत लेकिन बंद पड़ी कृषि गौण मंडी को शीघ्र चालू करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
